फर्जी डिजिलॉकर से साइबर फ्रॉड |
ऐप भारत सरकार द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक डिजिटल वॉलेट है जिसमें देश के लाखों नागरिक अपने ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, आधार, मार्कशीट और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखते हैं। सरकारी प्लेटफार्म होने की वजह से लोग इस ऐप पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। लेकिन अब साइबर अपराधी इसी भरोसे को हथियार बनाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। साइबर ठग असली Digilocker की तरह दिखने वाले फर्जी ऐप और नकली वेबसाइट तैयार कर रहे हैं। ये एप्स Google सर्च, सोशल मीडिया लिंक या फर्जी मैसेजेस के जरिए लोगों तक पहुंचाए जाते हैं। जैसे ही यूजर इसमें लॉग इन करता है, उसकी आधार डिटेल्स, पैन नंबर, बैंकिंग जानकारी और पर्सनल डॉक्यूमेंट्स सीधे ठगों के हाथ लग जाती है। कई मामलों में इन जानकारियों का इस्तेमाल बैंक, फ्रॉड, फर्जी लोन और पहचान की चोरी के लिए किया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि असली Digilocker ऐप केवल Google Play Store या Apple Play Store से ही डाउनलोड करें और कभी भी किसी लिंक के जरिए ऐप इंस्टॉल ना करें। साथ ही ओटीपी या लॉग इन डिटेल्स किसी के साथ साझा ना करें। सरकार और साइबर एजेंसियां लगातार चेतावनी दे रही है कि डिजिटल सुविधा के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। वरना एक छोटी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक और कानूनी परेशानी में बदल सकती
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